ख़ुदी को कर बुलंद
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले, ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है।
Khudi ko kar buland itna ki har taqdeer se pehle, Khuda bande se khud poochhe bata teri raza kya hai.
Lafzon ke maayne
ख़ुदी: अपने व्यक्तित्व और आत्मबोध की शक्ति। रज़ा: इच्छा।
