कोई ग़म-गुसार होता
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह, कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता।
Ye kahaan ki dosti hai ki bane hain dost naaseh, Koi chaaraasaaz hota koi gham-gusaar hota.
Lafzon ke maayne
नासेह: नसीहत देने वाला। चारासाज़: दुख का उपाय करने वाला। ग़म-गुसार: हमदर्द।
